सतना-मैहर के सौ से अधिक निजी स्कूलों ने चेतावनी और समय-सीमा बढ़ने के बाद भी फीस संबंधी जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की। अब नियमों के तहत इन संस्थानों पर पांच गुना तक अर्थदंड लगाया जा सकता है।
मैहर में सेंट माइकल स्कूल पर अभिभावकों को ड्रेस और किताबें खरीदने को मजबूर करने की शिकायत साबित होने पर शिक्षा विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दो लाख जुर्माने की चेतावनी दी है
मध्य प्रदेश में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए अप्रैल से शुरू होने वाले नए स्कूल सत्र को स्थगित करने की मांग उठी है। कांग्रेस नेता विवेक त्रिपाठी ने बच्चों के स्वास्थ्य और निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है।
रीवा और मऊगंज जिले के पाँच निजी स्कूलों की मान्यता इस शैक्षणिक सत्र में समाप्त कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार इन स्कूलों में न तो पर्याप्त शिक्षक थे और न ही नियमों के अनुरूप 30 हजार की एफडी जमा की गई थी। कलेक्टर के पास अपील का मौका देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते अब इन स्कूलों के छात्र अन्य संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर हैं।
सतना जिले के 12 निजी स्कूलों को डीईओ ने 3 दिन में जुर्माना राशि जमा करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। आदेश की अवहेलना पर सीबीएसई को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
निजी स्कूलों की मनमानी पर अब मैहर कलेक्टर ने सख्ती दिखाई है। अभिभावकों पर ड्रेस, किताबें और स्टेशनरी फिक्स दुकानों से खरीदने के दबाव को लेकर निर्देश जारी हुए हैं। स्कूलों की सघन मॉनिटरिंग होगी और उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई तय है। अब स्कूल संचालकों की कमीशनखोरी पर लगाम कसने की तैयारी।


















